Correct Answer:
Option C - भारत में पहला सीमेंट उद्योग सन् 1904 ई. में चेन्नई में लगाया गया था। स्वतंत्रता के पश्चात इस उद्योग का प्रसार हुआ। इस उद्योग में कच्चे माल के तौर पर चूना-पत्थर, इस्पात कारखानों के धातु-मल (Slag), उर्वरक कारखानों के अवमल (Sludge), जिप्सम और कोयला का उपयोग किया जाता है। इन कारखानों की अवस्थिति पर चूना-पत्थर की उपलब्धता का बड़ा प्रभाव पड़ता है। चूँकि कच्चा माल और उत्पाद दोनों ही भारी होते हैं, अत: परिवहन का इस उद्योग के विकास में बड़ा योगदान होता है।
C. भारत में पहला सीमेंट उद्योग सन् 1904 ई. में चेन्नई में लगाया गया था। स्वतंत्रता के पश्चात इस उद्योग का प्रसार हुआ। इस उद्योग में कच्चे माल के तौर पर चूना-पत्थर, इस्पात कारखानों के धातु-मल (Slag), उर्वरक कारखानों के अवमल (Sludge), जिप्सम और कोयला का उपयोग किया जाता है। इन कारखानों की अवस्थिति पर चूना-पत्थर की उपलब्धता का बड़ा प्रभाव पड़ता है। चूँकि कच्चा माल और उत्पाद दोनों ही भारी होते हैं, अत: परिवहन का इस उद्योग के विकास में बड़ा योगदान होता है।