Correct Answer:
Option A - लैंगिक समानता के लिये कानूनी प्रावधानों के अलावा किसी देश के बजट में महिला सशक्तिकरण तथा शिशु कल्याण के लिये किये जाने वाले धन आवांटन के उल्लेख को जेंडर बजटिंग कहा जाता है। दरअसल, जेंडर बजटिंग शब्द विगत दो तीन दशकों में वैश्विक पटल पर उभरा है, इसके जरिये सरकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुँचाया जाता है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले भेदभाव को समाप्ति करने और लैगिंग समानता को बढ़वा देने के लिए 2005 से भारत में औपचारिक रूप से वित्तीय बजट में जेण्डर (Gender Responsive Budgeting- GRB) को अंगीकार किया गया था। जी आर बी का उद्देश्य है– राजकोषीय नीतियों के माध्यम से लिंग संबंधी चिंताओं का समाधान करना।
A. लैंगिक समानता के लिये कानूनी प्रावधानों के अलावा किसी देश के बजट में महिला सशक्तिकरण तथा शिशु कल्याण के लिये किये जाने वाले धन आवांटन के उल्लेख को जेंडर बजटिंग कहा जाता है। दरअसल, जेंडर बजटिंग शब्द विगत दो तीन दशकों में वैश्विक पटल पर उभरा है, इसके जरिये सरकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुँचाया जाता है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले भेदभाव को समाप्ति करने और लैगिंग समानता को बढ़वा देने के लिए 2005 से भारत में औपचारिक रूप से वित्तीय बजट में जेण्डर (Gender Responsive Budgeting- GRB) को अंगीकार किया गया था। जी आर बी का उद्देश्य है– राजकोषीय नीतियों के माध्यम से लिंग संबंधी चिंताओं का समाधान करना।