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Q: When there is monophony in labour market and perfect competition in product market, the monophony exploitation in the equilibrium situation is the difference between जब श्रम बाजार में क्रेता एकाधिकार तथा वस्तु बाजार में पूर्ण प्रतियोगिता हो, तो सन्तुलन स्थिति में क्रेता एकाधिकारिक शोषण के बीच अन्तर होता है–
  • A. VMP and MRP / सीमान्त उत्पादन के मूल्य और सीमान्त आय
  • B. ARP and MRP / औसत आय उत्पादन और सीमान्त आय उत्पादन
  • C. MW and AW / सीमान्त मजदूरी और औसत मजदूरी
  • D. MW and MRP/ सीमान्त मजदूरी और सीमान्त आय उत्पादन
Correct Answer: Option C - जब श्रम बाजार में क्रेता एकाधिकार तथा वस्तु बाजार में पूर्ण प्रतियोगिता हो तो संतुलन की स्थिति में क्रेता एकाधिकारिक शोषण के बीच सीमांत मजदूरी (MW) तथा औसत मजदूरी (AW) का अंतर होता है। नोट– एच०एल० आहूजा की हिन्दी संस्करण के अनुसार (c) सही है, परन्तु अंग्रेजी संस्करण के अनुसार (a) विकल्प सही उत्तर होगा। अत: इस प्रश्न का उत्तर आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार दिया गया है।
C. जब श्रम बाजार में क्रेता एकाधिकार तथा वस्तु बाजार में पूर्ण प्रतियोगिता हो तो संतुलन की स्थिति में क्रेता एकाधिकारिक शोषण के बीच सीमांत मजदूरी (MW) तथा औसत मजदूरी (AW) का अंतर होता है। नोट– एच०एल० आहूजा की हिन्दी संस्करण के अनुसार (c) सही है, परन्तु अंग्रेजी संस्करण के अनुसार (a) विकल्प सही उत्तर होगा। अत: इस प्रश्न का उत्तर आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार दिया गया है।

Explanations:

जब श्रम बाजार में क्रेता एकाधिकार तथा वस्तु बाजार में पूर्ण प्रतियोगिता हो तो संतुलन की स्थिति में क्रेता एकाधिकारिक शोषण के बीच सीमांत मजदूरी (MW) तथा औसत मजदूरी (AW) का अंतर होता है। नोट– एच०एल० आहूजा की हिन्दी संस्करण के अनुसार (c) सही है, परन्तु अंग्रेजी संस्करण के अनुसार (a) विकल्प सही उत्तर होगा। अत: इस प्रश्न का उत्तर आयोग की उत्तर कुंजी के अनुसार दिया गया है।