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Q: When presented with Heinz's dilemma, Arunima reasons : "The law wasn't set up for these circumstances. Taking the drug in this situation isn't really right, but it's justified." हेंज की दुविधा को पेश किए जाने पर, अरुणिमा तर्क देती हैं : "कानून इन परिस्थितियों के लिए स्थापित नहीं किया गया था। इस स्थिति में दवा लेना वास्तव में सही नहीं है, लेकिन यह उचित है" लॉरेंस कोहलबर्ग के सिद्धांत के अनुसार अरुणिमा नैतिक विकास की कौन-सी अवस्था है?
  • A. Instrumental purpose and exchange यांत्रिक उद्देश्य व विनिमय
  • B. Social concern and conscience सामाजिक सरोकार और विवेक
  • C. Morality of contrast, of individual rights and of democratically नैतिकता का विरोधाभास, व्यक्तिगत अधिकार व लोकतांत्रिकता
  • D. Orientation towards punishment and obedience accepted law दंड की ओर उन्मुखीकरण और आज्ञाकारिता स्वीकृत कानून
Correct Answer: Option C - लारेंस कोहलबर्ग के सिद्धान्त के अनुसार, अरूणिमा नैतिक विकास की अनुबंध की नैतिकता, व्यक्तिगत अधिकार और लोकतांत्रिक रूप से स्वीकृत कानून की पाँचवी अवस्था हैं। इसमें वे समाज के भीतर सहमत कानूनों के प्रति दायित्व की भावना के कारण वही करते है जो सही है। वे समझते है कि कानूनो को एक अंतर्निहित सामाजिक अनुबंध में परिवर्तन के हिस्से के रूप में संशोधित किया जा सकता है।
C. लारेंस कोहलबर्ग के सिद्धान्त के अनुसार, अरूणिमा नैतिक विकास की अनुबंध की नैतिकता, व्यक्तिगत अधिकार और लोकतांत्रिक रूप से स्वीकृत कानून की पाँचवी अवस्था हैं। इसमें वे समाज के भीतर सहमत कानूनों के प्रति दायित्व की भावना के कारण वही करते है जो सही है। वे समझते है कि कानूनो को एक अंतर्निहित सामाजिक अनुबंध में परिवर्तन के हिस्से के रूप में संशोधित किया जा सकता है।

Explanations:

लारेंस कोहलबर्ग के सिद्धान्त के अनुसार, अरूणिमा नैतिक विकास की अनुबंध की नैतिकता, व्यक्तिगत अधिकार और लोकतांत्रिक रूप से स्वीकृत कानून की पाँचवी अवस्था हैं। इसमें वे समाज के भीतर सहमत कानूनों के प्रति दायित्व की भावना के कारण वही करते है जो सही है। वे समझते है कि कानूनो को एक अंतर्निहित सामाजिक अनुबंध में परिवर्तन के हिस्से के रूप में संशोधित किया जा सकता है।