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Q: When only one point is available for orientation, orientation is done by: जब अभिविन्यास के लिए केवल एक बिंदु उपलब्ध होता है, तो अभिविन्यास____________ द्वारा किया जाता है।
  • A. fore-sighting/अग्रावलोकन
  • B. back-sighting/पश्चावलोकन
  • C. intersection/प्रतिच्छेदन
  • D. trough compass/ट्रफ कम्पास
Correct Answer: Option D - पटल सर्वेक्षण में दिक्स्थापन दो प्रकार से सम्पन्न किया जाता हैं। (i) द्रोणी दिक्सूचक द्वारा दिक्स्थापन (By trough compass) (ii) पश्च प्रेक्षण द्वारा दिक्स्थापन (By back-sighting) जब दिक्स्थापन के लिए केवल एक ही बिन्दु उपलब्ध होता है, तो दिक्स्थापन द्रोणी दिक्सूचक द्वारा किया जाता है। जबकि दिक्सूचक द्वारा दिक्स्थापन चुम्बकीय याम्योत्तर के सापेक्ष किया जाता है। जबकि पश्च प्रेक्षण द्वारा दिक्स्थापन करने में अन्य स्टेशन की सहायता ली जाती है।
D. पटल सर्वेक्षण में दिक्स्थापन दो प्रकार से सम्पन्न किया जाता हैं। (i) द्रोणी दिक्सूचक द्वारा दिक्स्थापन (By trough compass) (ii) पश्च प्रेक्षण द्वारा दिक्स्थापन (By back-sighting) जब दिक्स्थापन के लिए केवल एक ही बिन्दु उपलब्ध होता है, तो दिक्स्थापन द्रोणी दिक्सूचक द्वारा किया जाता है। जबकि दिक्सूचक द्वारा दिक्स्थापन चुम्बकीय याम्योत्तर के सापेक्ष किया जाता है। जबकि पश्च प्रेक्षण द्वारा दिक्स्थापन करने में अन्य स्टेशन की सहायता ली जाती है।

Explanations:

पटल सर्वेक्षण में दिक्स्थापन दो प्रकार से सम्पन्न किया जाता हैं। (i) द्रोणी दिक्सूचक द्वारा दिक्स्थापन (By trough compass) (ii) पश्च प्रेक्षण द्वारा दिक्स्थापन (By back-sighting) जब दिक्स्थापन के लिए केवल एक ही बिन्दु उपलब्ध होता है, तो दिक्स्थापन द्रोणी दिक्सूचक द्वारा किया जाता है। जबकि दिक्सूचक द्वारा दिक्स्थापन चुम्बकीय याम्योत्तर के सापेक्ष किया जाता है। जबकि पश्च प्रेक्षण द्वारा दिक्स्थापन करने में अन्य स्टेशन की सहायता ली जाती है।