Correct Answer:
Option D - दिक्पात विचरण– प्रेक्षणों से ज्ञात हुआ है कि किसी बिन्दु पर चुम्बकीय दिक्पात का मान सदा एक नहीं रहता है यह समय, स्थान व मौसम के बदलने के साथ बदलता रहता है। यह सूर्य के समय के साथ भी बदल जाता है। विचरण का मान विषुवत रेखा के पास कम और ध्रुवों पर अधिक होता है। यह विचरण ग्रीष्म ऋतु में अधिक और शरद ऋतु में कम पाया जाता है। इसको दिक्पात विचरण कहते है।
∎ गोताखोर (Mariner) द्वारा चुम्बकीय विचरण का प्रयोग true north और magnetic north के बीच अंतर दर्शाने के लिए किया जाता है।
D. दिक्पात विचरण– प्रेक्षणों से ज्ञात हुआ है कि किसी बिन्दु पर चुम्बकीय दिक्पात का मान सदा एक नहीं रहता है यह समय, स्थान व मौसम के बदलने के साथ बदलता रहता है। यह सूर्य के समय के साथ भी बदल जाता है। विचरण का मान विषुवत रेखा के पास कम और ध्रुवों पर अधिक होता है। यह विचरण ग्रीष्म ऋतु में अधिक और शरद ऋतु में कम पाया जाता है। इसको दिक्पात विचरण कहते है।
∎ गोताखोर (Mariner) द्वारा चुम्बकीय विचरण का प्रयोग true north और magnetic north के बीच अंतर दर्शाने के लिए किया जाता है।