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Q: What is the primary benefit of using the "centerline method" in construction estimating? निर्माण आकलन में ‘केन्द्र रेखा विधि’ का उपयोग करने का प्राथमिक लाभ क्या है?
  • A. It enhances the accuracy of cost estimates for circular structures/यह वृत्ताकार संरचनाओं के लिए लागत अनुमान की सटीकता को बढ़ाता है।
  • B. It facilitates quicker construction/यह त्वरित निर्माण की सुविधा देता है।
  • C. It allows for precise cost calculations for structures with varying wall lengths/यह अलग-अलग दीवार की लंबाई वाली संरचनाओं के लिए सटीक लागत गणना की अनुमति देता है।
  • D. It streamlines the estimation process for buildings with symmetrical walls/यह सममित दीवारों वाली इमारतों के लिए प्राक्कलन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है।
Correct Answer: Option D - भवन के प्राक्कलन की केंद्र रेखा विधि सममित (Symmetrical) खंड वाले काटों के लिए सर्वोत्तम विधि है। यह प्राक्कलन की तीव्र एवं सरल विधि है। यह विधि यदि असममित खंड वाले काटों के लिए यदि अपनाया जाये तो गणना करने में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दशा में लंबी दीवार व छोटी दीवार विधि सर्वोपरि होता है। Long wall and short wall विधि प्राक्कलन की सबसे परिशुद्ध विधि है।
D. भवन के प्राक्कलन की केंद्र रेखा विधि सममित (Symmetrical) खंड वाले काटों के लिए सर्वोत्तम विधि है। यह प्राक्कलन की तीव्र एवं सरल विधि है। यह विधि यदि असममित खंड वाले काटों के लिए यदि अपनाया जाये तो गणना करने में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दशा में लंबी दीवार व छोटी दीवार विधि सर्वोपरि होता है। Long wall and short wall विधि प्राक्कलन की सबसे परिशुद्ध विधि है।

Explanations:

भवन के प्राक्कलन की केंद्र रेखा विधि सममित (Symmetrical) खंड वाले काटों के लिए सर्वोत्तम विधि है। यह प्राक्कलन की तीव्र एवं सरल विधि है। यह विधि यदि असममित खंड वाले काटों के लिए यदि अपनाया जाये तो गणना करने में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दशा में लंबी दीवार व छोटी दीवार विधि सर्वोपरि होता है। Long wall and short wall विधि प्राक्कलन की सबसे परिशुद्ध विधि है।