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Q: What is the main principle of Prestressed Concrete Structure? पूर्व प्रतिबलित कंक्रीट संरचनाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है–
  • A. To introduce tensile stresses/तनन प्रतिबल आरोपित करना
  • B. To introduce shear stress/अपरूपण प्रतिबल आरोपित करना
  • C. To introduce compressive stresses in the zone where tensile stresses are expected/जोन में जहाँ भी तनन प्रतिबलों की उपस्थिति अपेक्षित हो, वहाँ संपीडन प्रतिबल लागू करना (्
  • D. To introduce deflection/परिक्षेपण आरोपित करना
Correct Answer: Option C - जब किसी संरचनात्मक खण्ड में, बाह्य भार पड़ने से पूर्व, ऐसे प्रतिबलों को उत्पन्न कर दिया जाता है, जो भार (चल व अचल) पड़ने पर उपजे प्रतिबलों के विपरीत प्रकृति के हों, तो यह क्रिया पूर्व-प्रतिबलित कहलाती है और वह खण्ड पूर्व-प्रतिबलित अवयव कहलाता है। पूर्व प्रतिबलन द्वारा धरन के तनन क्षेत्र में, बाह्य भार पड़ने से पहले ही यांत्रिक विधि से सम्पीडन प्रतिबल उत्पन्न कर दिये जाते हैं, जो भार पड़ने पर उत्पन्न तनन प्रतिबलों को पूर्णत: रोधित कर देते हैं।
C. जब किसी संरचनात्मक खण्ड में, बाह्य भार पड़ने से पूर्व, ऐसे प्रतिबलों को उत्पन्न कर दिया जाता है, जो भार (चल व अचल) पड़ने पर उपजे प्रतिबलों के विपरीत प्रकृति के हों, तो यह क्रिया पूर्व-प्रतिबलित कहलाती है और वह खण्ड पूर्व-प्रतिबलित अवयव कहलाता है। पूर्व प्रतिबलन द्वारा धरन के तनन क्षेत्र में, बाह्य भार पड़ने से पहले ही यांत्रिक विधि से सम्पीडन प्रतिबल उत्पन्न कर दिये जाते हैं, जो भार पड़ने पर उत्पन्न तनन प्रतिबलों को पूर्णत: रोधित कर देते हैं।

Explanations:

जब किसी संरचनात्मक खण्ड में, बाह्य भार पड़ने से पूर्व, ऐसे प्रतिबलों को उत्पन्न कर दिया जाता है, जो भार (चल व अचल) पड़ने पर उपजे प्रतिबलों के विपरीत प्रकृति के हों, तो यह क्रिया पूर्व-प्रतिबलित कहलाती है और वह खण्ड पूर्व-प्रतिबलित अवयव कहलाता है। पूर्व प्रतिबलन द्वारा धरन के तनन क्षेत्र में, बाह्य भार पड़ने से पहले ही यांत्रिक विधि से सम्पीडन प्रतिबल उत्पन्न कर दिये जाते हैं, जो भार पड़ने पर उत्पन्न तनन प्रतिबलों को पूर्णत: रोधित कर देते हैं।