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Q: What is the main cause of heat generation in the interior of the earth? पृथ्वी के आन्तरिक भाग में ऊष्मा जनन का मुख्य कारण क्या है?
  • A. Disintegration of radio-active elements and conversion of gravity force into thermal energy/रेडियो सक्रिय पदार्थों तथा गुरुत्व बल के तापीय ऊर्जा में परिवर्तन से
  • B. From Planetary accretion/ग्रहीय संवर्धन से
  • C. From adiabatic compression/रुद्धोष्म सम्पीडन से
  • D. From insolation/सूर्यातप
Correct Answer: Option A - पृथ्वी के आन्तरिक भाग में उâष्मा जनन का मुख्य रूप से रेडियो सक्रिय पदार्थों तथा गुरुत्व बल के तापीय ऊर्जा में परिवर्तन से होता है। आज से 4.7 बिलियन वर्ष पूर्व पृथ्वी के आन्तरिक भाग का प्रारम्भिक तापमान लगभग 1000ºC रहा होगा। आगे चलकर रेडियो सक्रिय पदार्थों द्वारा पृथ्वी के आन्तरिक भाग में ऊष्मा में वृद्धि प्रारम्भ हुई लगभग 4.0 से 4.5 बिलियन वर्ष पूर्व पृथ्वी के अन्तरतम तथा मैण्टिल का अलगाव हुआ होगा, जबकि लोहे का तापमान बढ़कर गलनांक को प्राप्त हुआ। गलित लोहे के अन्तरतम में डूबने से 2×10³⁷ अर्ग गुरुत्वबल ऊष्मा के रूप मुक्त हुई होगी जिसके कारण पृथ्वी के अन्दर पदार्थों का बड़े पैमाने पर पिघलाव तथा पुनर्गठन होने से विभिन्न मण्डलों अन्तरतम, मैंटल तथा क्रस्ट का निर्माण हुआ होगा।
A. पृथ्वी के आन्तरिक भाग में उâष्मा जनन का मुख्य रूप से रेडियो सक्रिय पदार्थों तथा गुरुत्व बल के तापीय ऊर्जा में परिवर्तन से होता है। आज से 4.7 बिलियन वर्ष पूर्व पृथ्वी के आन्तरिक भाग का प्रारम्भिक तापमान लगभग 1000ºC रहा होगा। आगे चलकर रेडियो सक्रिय पदार्थों द्वारा पृथ्वी के आन्तरिक भाग में ऊष्मा में वृद्धि प्रारम्भ हुई लगभग 4.0 से 4.5 बिलियन वर्ष पूर्व पृथ्वी के अन्तरतम तथा मैण्टिल का अलगाव हुआ होगा, जबकि लोहे का तापमान बढ़कर गलनांक को प्राप्त हुआ। गलित लोहे के अन्तरतम में डूबने से 2×10³⁷ अर्ग गुरुत्वबल ऊष्मा के रूप मुक्त हुई होगी जिसके कारण पृथ्वी के अन्दर पदार्थों का बड़े पैमाने पर पिघलाव तथा पुनर्गठन होने से विभिन्न मण्डलों अन्तरतम, मैंटल तथा क्रस्ट का निर्माण हुआ होगा।

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पृथ्वी के आन्तरिक भाग में उâष्मा जनन का मुख्य रूप से रेडियो सक्रिय पदार्थों तथा गुरुत्व बल के तापीय ऊर्जा में परिवर्तन से होता है। आज से 4.7 बिलियन वर्ष पूर्व पृथ्वी के आन्तरिक भाग का प्रारम्भिक तापमान लगभग 1000ºC रहा होगा। आगे चलकर रेडियो सक्रिय पदार्थों द्वारा पृथ्वी के आन्तरिक भाग में ऊष्मा में वृद्धि प्रारम्भ हुई लगभग 4.0 से 4.5 बिलियन वर्ष पूर्व पृथ्वी के अन्तरतम तथा मैण्टिल का अलगाव हुआ होगा, जबकि लोहे का तापमान बढ़कर गलनांक को प्राप्त हुआ। गलित लोहे के अन्तरतम में डूबने से 2×10³⁷ अर्ग गुरुत्वबल ऊष्मा के रूप मुक्त हुई होगी जिसके कारण पृथ्वी के अन्दर पदार्थों का बड़े पैमाने पर पिघलाव तथा पुनर्गठन होने से विभिन्न मण्डलों अन्तरतम, मैंटल तथा क्रस्ट का निर्माण हुआ होगा।