Correct Answer:
Option A - उल्टे दाँत वाली चेन का मुख्य लाभ शोर रहित प्रचालन होता है। चेन चालन से स्थिर वेगानुपात प्राप्त होता है। चेन चालन को धनात्मक चालन कहते है। चेन चालन में फिसलन नहीं होता है। चेन चालन में उच्च पारेषण दक्षता (लगभग 98%) प्राप्त होती है।
चेन चालन का प्रयोग सामान्यत: शाफ्टों के बीच की दूरी कम होने पर किया जाता है। लेकिन शाफ्टों के बीच की दूरी अधिक होने पर पट्टा चालन का प्रयोग किया जाता है।
A. उल्टे दाँत वाली चेन का मुख्य लाभ शोर रहित प्रचालन होता है। चेन चालन से स्थिर वेगानुपात प्राप्त होता है। चेन चालन को धनात्मक चालन कहते है। चेन चालन में फिसलन नहीं होता है। चेन चालन में उच्च पारेषण दक्षता (लगभग 98%) प्राप्त होती है।
चेन चालन का प्रयोग सामान्यत: शाफ्टों के बीच की दूरी कम होने पर किया जाता है। लेकिन शाफ्टों के बीच की दूरी अधिक होने पर पट्टा चालन का प्रयोग किया जाता है।