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Q: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए तथा उनके नीचे दिए गए कूट से सहीं उत्तर का चयन कीजिए: कथन (A) : ब्रिटिश काल में सामान्यत: भारत का व्यापार संतुलन अनुकूल था। कारण (R) : धन की निकासी का स्वरूप अप्रतिफलित निर्यात था। कूट :
  • A. (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R) (A) की सही व्याख्या है।
  • B. (A) तथा (R) दोनों सही हैं परन्तु (R) (A) की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. (A) सही है, पर (R) गलत है।
  • D. (A) गलत है, पर (R) सही है।
Correct Answer: Option A - ब्रिटिश काल में कुछ वर्षों को छोड़कर सामान्यत: भारत का व्यापार संतुलन अनुकूल था। चूँकि औद्योगिक क्रांति के कारण ब्रिटेन को अपने उद्योग के लिए कच्चे माल की आवश्यकता थी और भारत उस काल में ब्रिटेन को कच्चे माल का प्रमुख निर्यातक देश था। अत: व्यापार संतुलन अधिकांश वर्षों में भारत के पक्ष में रहा। दूसरी तरफ धन की निकासी का स्वरूप भी एक प्रकार अप्रतिफलित निर्यात ही था।
A. ब्रिटिश काल में कुछ वर्षों को छोड़कर सामान्यत: भारत का व्यापार संतुलन अनुकूल था। चूँकि औद्योगिक क्रांति के कारण ब्रिटेन को अपने उद्योग के लिए कच्चे माल की आवश्यकता थी और भारत उस काल में ब्रिटेन को कच्चे माल का प्रमुख निर्यातक देश था। अत: व्यापार संतुलन अधिकांश वर्षों में भारत के पक्ष में रहा। दूसरी तरफ धन की निकासी का स्वरूप भी एक प्रकार अप्रतिफलित निर्यात ही था।

Explanations:

ब्रिटिश काल में कुछ वर्षों को छोड़कर सामान्यत: भारत का व्यापार संतुलन अनुकूल था। चूँकि औद्योगिक क्रांति के कारण ब्रिटेन को अपने उद्योग के लिए कच्चे माल की आवश्यकता थी और भारत उस काल में ब्रिटेन को कच्चे माल का प्रमुख निर्यातक देश था। अत: व्यापार संतुलन अधिकांश वर्षों में भारत के पक्ष में रहा। दूसरी तरफ धन की निकासी का स्वरूप भी एक प्रकार अप्रतिफलित निर्यात ही था।