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Q: What is the energy source for precipitation and evaporation? वर्षा और वाष्पीकरण के लिए ऊर्जा का स्रोत क्या है?
  • A. Perennial energy/बारहमासी ऊर्जा
  • B. Gravitational energy/गुरुत्वाकर्षण ऊर्जा
  • C. Thermal energy/ऊष्मीय ऊर्जा
  • D. Kinetic energy/गतिज ऊर्जा
Correct Answer: Option C - वर्षा और वाष्पीकरण के लिए ऊर्जा ऊष्मा स्रोत से आती है (जैसे-सूर्य)। सूर्य की किरणों से सागरों, झीलों, जल-कुण्डों, नदियों इत्यादि का पानी वाष्प बनकर उड़ता रहता है जो अधिक ऊँचाई पर जाकर बादलों का रूप ले लेता है। वाष्प से यह बादल अनुकूल वायुमण्डलीय प्रभाव पाकर, वर्षा व बर्फ के रूप में पुन: भूमि पर बरस पड़ते हैं। वर्षा (Precipitation)- बादलों से वर्षा तथा बर्फ को वर्षण या अवक्षेपण (Precipitation) कहते हैं। वाष्पीकरण (Evaporation)- झीलों, जलाशयों, नदियों से कुछ पानी भाप बनकर पुन: वायुमण्डल में चला जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं।
C. वर्षा और वाष्पीकरण के लिए ऊर्जा ऊष्मा स्रोत से आती है (जैसे-सूर्य)। सूर्य की किरणों से सागरों, झीलों, जल-कुण्डों, नदियों इत्यादि का पानी वाष्प बनकर उड़ता रहता है जो अधिक ऊँचाई पर जाकर बादलों का रूप ले लेता है। वाष्प से यह बादल अनुकूल वायुमण्डलीय प्रभाव पाकर, वर्षा व बर्फ के रूप में पुन: भूमि पर बरस पड़ते हैं। वर्षा (Precipitation)- बादलों से वर्षा तथा बर्फ को वर्षण या अवक्षेपण (Precipitation) कहते हैं। वाष्पीकरण (Evaporation)- झीलों, जलाशयों, नदियों से कुछ पानी भाप बनकर पुन: वायुमण्डल में चला जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं।

Explanations:

वर्षा और वाष्पीकरण के लिए ऊर्जा ऊष्मा स्रोत से आती है (जैसे-सूर्य)। सूर्य की किरणों से सागरों, झीलों, जल-कुण्डों, नदियों इत्यादि का पानी वाष्प बनकर उड़ता रहता है जो अधिक ऊँचाई पर जाकर बादलों का रूप ले लेता है। वाष्प से यह बादल अनुकूल वायुमण्डलीय प्रभाव पाकर, वर्षा व बर्फ के रूप में पुन: भूमि पर बरस पड़ते हैं। वर्षा (Precipitation)- बादलों से वर्षा तथा बर्फ को वर्षण या अवक्षेपण (Precipitation) कहते हैं। वाष्पीकरण (Evaporation)- झीलों, जलाशयों, नदियों से कुछ पानी भाप बनकर पुन: वायुमण्डल में चला जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं।