Correct Answer:
Option C - वर्षा और वाष्पीकरण के लिए ऊर्जा ऊष्मा स्रोत से आती है (जैसे-सूर्य)। सूर्य की किरणों से सागरों, झीलों, जल-कुण्डों, नदियों इत्यादि का पानी वाष्प बनकर उड़ता रहता है जो अधिक ऊँचाई पर जाकर बादलों का रूप ले लेता है।
वाष्प से यह बादल अनुकूल वायुमण्डलीय प्रभाव पाकर, वर्षा व बर्फ के रूप में पुन: भूमि पर बरस पड़ते हैं।
वर्षा (Precipitation)- बादलों से वर्षा तथा बर्फ को वर्षण या अवक्षेपण (Precipitation) कहते हैं।
वाष्पीकरण (Evaporation)- झीलों, जलाशयों, नदियों से कुछ पानी भाप बनकर पुन: वायुमण्डल में चला जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं।
C. वर्षा और वाष्पीकरण के लिए ऊर्जा ऊष्मा स्रोत से आती है (जैसे-सूर्य)। सूर्य की किरणों से सागरों, झीलों, जल-कुण्डों, नदियों इत्यादि का पानी वाष्प बनकर उड़ता रहता है जो अधिक ऊँचाई पर जाकर बादलों का रूप ले लेता है।
वाष्प से यह बादल अनुकूल वायुमण्डलीय प्रभाव पाकर, वर्षा व बर्फ के रूप में पुन: भूमि पर बरस पड़ते हैं।
वर्षा (Precipitation)- बादलों से वर्षा तथा बर्फ को वर्षण या अवक्षेपण (Precipitation) कहते हैं।
वाष्पीकरण (Evaporation)- झीलों, जलाशयों, नदियों से कुछ पानी भाप बनकर पुन: वायुमण्डल में चला जाता है। इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं।