Correct Answer:
Option D - सोल्वे प्रक्रिया, जिसे अमोनिया-सोडा प्रक्रिया के रूप में भी जाना जाता है। सोडियम कार्बोनेट (सोडा ऐश) के उत्पादन की औद्योगिक प्रक्रिया है। यह सोडियम क्लोराइड और कैल्शियम कार्बोनेट से शुरु होती है। इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती पदार्थ सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) है।
2NaHCO₃ →Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
इसलिए सोडियम बाइकार्बोनेट सोल्वे प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती पदार्थ है, जो अंतिम उत्पाद, सोडियम कार्बोनेट की ओर ले जाता है।
D. सोल्वे प्रक्रिया, जिसे अमोनिया-सोडा प्रक्रिया के रूप में भी जाना जाता है। सोडियम कार्बोनेट (सोडा ऐश) के उत्पादन की औद्योगिक प्रक्रिया है। यह सोडियम क्लोराइड और कैल्शियम कार्बोनेट से शुरु होती है। इस प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती पदार्थ सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO₃) है।
2NaHCO₃ →Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
इसलिए सोडियम बाइकार्बोनेट सोल्वे प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मध्यवर्ती पदार्थ है, जो अंतिम उत्पाद, सोडियम कार्बोनेट की ओर ले जाता है।