Correct Answer:
Option A - रसूलन बाई, छोटी मैना, बड़ी मैना एवं गिरिजा देवी बनारस घराने की प्रसद्धि ठुमरी-टप्पा गायिका थी। बनारस घराना गायन और वादन दोनो कलाओं के लिए प्रसिद्ध है। इस घराने को शास्त्रीय संगीत में प्रसिद्धि दिलाने में ‘भारत रत्न’ दो संज्ञीतज्ञों पं. रविशंकर (सितार) एवं बिस्मिल्ला खाँ (शहनाई) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस घराने के प्रसिद्ध तबला वादकों में गुदई महराज, किशन महराज और पं राजन एवं साजन मिश्र रहे हैं।
A. रसूलन बाई, छोटी मैना, बड़ी मैना एवं गिरिजा देवी बनारस घराने की प्रसद्धि ठुमरी-टप्पा गायिका थी। बनारस घराना गायन और वादन दोनो कलाओं के लिए प्रसिद्ध है। इस घराने को शास्त्रीय संगीत में प्रसिद्धि दिलाने में ‘भारत रत्न’ दो संज्ञीतज्ञों पं. रविशंकर (सितार) एवं बिस्मिल्ला खाँ (शहनाई) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस घराने के प्रसिद्ध तबला वादकों में गुदई महराज, किशन महराज और पं राजन एवं साजन मिश्र रहे हैं।