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Q: व्यक्तित्व विकास की आठ अवस्थाओं की व्याख्या किस मनोवैज्ञानिक द्वारा की गयी है?
  • A. जी. डब्ल्यू. आलपोर्ट
  • B. एम. एन. मन
  • C. एरिक्सन
  • D. फ्रायड
Correct Answer: Option C - एरिक्सन के सिद्धान्त के अनुसार मानव के व्यक्तिव का विकास कई पूर्व निश्चित अवस्थाएं जो सर्वव्यापक होती है, से होकर होता है। यह अवस्थाएं पश्चजात नियम (Epigenetic principle) द्वारा निर्धारित होती है। एरिक्सन के अनुसार विकास की कुल मनोसामाजिक अवस्थाएं इस प्रकार है- 1. शैशवावस्था 2. प्रारम्भिक बाल्यावस्था 3. खेल अवस्था 4. स्कूल अवस्था 5. किशोरावस्था 6. तरूणा वयस्कावस्था 7. मध्य वयस्कावस्था 8. परिपक्वता
C. एरिक्सन के सिद्धान्त के अनुसार मानव के व्यक्तिव का विकास कई पूर्व निश्चित अवस्थाएं जो सर्वव्यापक होती है, से होकर होता है। यह अवस्थाएं पश्चजात नियम (Epigenetic principle) द्वारा निर्धारित होती है। एरिक्सन के अनुसार विकास की कुल मनोसामाजिक अवस्थाएं इस प्रकार है- 1. शैशवावस्था 2. प्रारम्भिक बाल्यावस्था 3. खेल अवस्था 4. स्कूल अवस्था 5. किशोरावस्था 6. तरूणा वयस्कावस्था 7. मध्य वयस्कावस्था 8. परिपक्वता

Explanations:

एरिक्सन के सिद्धान्त के अनुसार मानव के व्यक्तिव का विकास कई पूर्व निश्चित अवस्थाएं जो सर्वव्यापक होती है, से होकर होता है। यह अवस्थाएं पश्चजात नियम (Epigenetic principle) द्वारा निर्धारित होती है। एरिक्सन के अनुसार विकास की कुल मनोसामाजिक अवस्थाएं इस प्रकार है- 1. शैशवावस्था 2. प्रारम्भिक बाल्यावस्था 3. खेल अवस्था 4. स्कूल अवस्था 5. किशोरावस्था 6. तरूणा वयस्कावस्था 7. मध्य वयस्कावस्था 8. परिपक्वता