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Q: विद्यार्थियों को युद्ध की वीभत्सता के बारे में कुछ समझ अर्जित करने के लिए एवं शांतिपूर्ण विकल्पों को सुझाने में समर्थ बनाने के लिए, एक शिक्षक ‘क्या तृतीय विश्व युद्ध टाला जा सकता है?’ पर दो सप्ताह के अध्यापन का आयोजन करता है। उनके अध्ययन के समय विद्यार्थी विविध विषयों से सूचना का प्रयोग करते हैं। उपरोक्त उपागम उदाहरण है:
  • A. अंतर्विषयात्मक उपागम का।
  • B. समावेशी उपागम का।
  • C. बहुविषयात्मक उपागम का।
  • D. इकाई उपागम का।
Correct Answer: Option B - विद्यार्थियों को युद्ध की वीभत्सता के बारे में कुछ समझ अर्जित करने के लिए एवं शांतिपूर्ण विकल्पों को सुझाने में समर्थ बनाने के लिए, एक शिक्षक ‘क्या तृतीय विश्व युद्ध टाला जा सकता है?’ पर दो सप्ताह के अध्यापन का आयोजन करता है। उनके अध्ययन के समय विद्यार्थी विविध विषयों से सूचना का प्रयोग करते है तथा यह समावेशी उपागम का उदाहरण है। समावेशी शिक्षा ऐसी शिक्षा है जिसके अन्तर्गत शारीरिक रूप से बाधित बालक या सामान्य बालक साथ-साथ सामान्य कक्षा में शिक्षण ग्रहण करते है। समावेशी शिक्षा आधुनिक युग की नवीन खोज है, शिक्षा के क्षेत्र में यह एक नया मार्ग है।
B. विद्यार्थियों को युद्ध की वीभत्सता के बारे में कुछ समझ अर्जित करने के लिए एवं शांतिपूर्ण विकल्पों को सुझाने में समर्थ बनाने के लिए, एक शिक्षक ‘क्या तृतीय विश्व युद्ध टाला जा सकता है?’ पर दो सप्ताह के अध्यापन का आयोजन करता है। उनके अध्ययन के समय विद्यार्थी विविध विषयों से सूचना का प्रयोग करते है तथा यह समावेशी उपागम का उदाहरण है। समावेशी शिक्षा ऐसी शिक्षा है जिसके अन्तर्गत शारीरिक रूप से बाधित बालक या सामान्य बालक साथ-साथ सामान्य कक्षा में शिक्षण ग्रहण करते है। समावेशी शिक्षा आधुनिक युग की नवीन खोज है, शिक्षा के क्षेत्र में यह एक नया मार्ग है।

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विद्यार्थियों को युद्ध की वीभत्सता के बारे में कुछ समझ अर्जित करने के लिए एवं शांतिपूर्ण विकल्पों को सुझाने में समर्थ बनाने के लिए, एक शिक्षक ‘क्या तृतीय विश्व युद्ध टाला जा सकता है?’ पर दो सप्ताह के अध्यापन का आयोजन करता है। उनके अध्ययन के समय विद्यार्थी विविध विषयों से सूचना का प्रयोग करते है तथा यह समावेशी उपागम का उदाहरण है। समावेशी शिक्षा ऐसी शिक्षा है जिसके अन्तर्गत शारीरिक रूप से बाधित बालक या सामान्य बालक साथ-साथ सामान्य कक्षा में शिक्षण ग्रहण करते है। समावेशी शिक्षा आधुनिक युग की नवीन खोज है, शिक्षा के क्षेत्र में यह एक नया मार्ग है।