Correct Answer:
Option B - विद्यार्थियों के सीखने में जो रिक्तियाँ या त्रुटियाँ रह जाती है, उनके निदान या पहचान लेने के पश्चात् समुचित उपचारात्मक कार्य होना चाहिए। उपचारात्मक कार्य के द्वारा सीखने में आयी त्रुटियों का निराकरण किया जाता है।
B. विद्यार्थियों के सीखने में जो रिक्तियाँ या त्रुटियाँ रह जाती है, उनके निदान या पहचान लेने के पश्चात् समुचित उपचारात्मक कार्य होना चाहिए। उपचारात्मक कार्य के द्वारा सीखने में आयी त्रुटियों का निराकरण किया जाता है।