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Q: विद्यालय की शोभा वही बढ़ा सकता है, जो अनुशासन में रहे। यह किस वाक्य का उदाहरण है?
  • A. संयुक्त वाक्य
  • B. प्रश्नवाचक वाक्य
  • C. सरल वाक्य
  • D. मिश्र वाक्य
Correct Answer: Option D - दिया गया वाक्य ‘विद्यालय की शोभा वही बढ़ा सकता है, जो अनुशासन में रहे’ मिश्र वाक्य का उदाहरण है। जिस वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएँ हो, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं। इसमें मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय से जो वाक्य बनता है, उसे मुख्य उपवाक्य और दूसरे वाक्यों को आश्रित उपवाक्य कहते है। मिश्र वाक्य के उपवाक्य प्राय: कि, जो, जब, जहाँ, जिसने, ज्यों ही, जैसे-वैसे, यदि तो इत्यादि व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े होते हैं। जैसे– मैने देखा कि बाजार में चहल-पहल थी, यहाँ दोनों उपवाक्य ‘कि’ व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े हैं।
D. दिया गया वाक्य ‘विद्यालय की शोभा वही बढ़ा सकता है, जो अनुशासन में रहे’ मिश्र वाक्य का उदाहरण है। जिस वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएँ हो, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं। इसमें मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय से जो वाक्य बनता है, उसे मुख्य उपवाक्य और दूसरे वाक्यों को आश्रित उपवाक्य कहते है। मिश्र वाक्य के उपवाक्य प्राय: कि, जो, जब, जहाँ, जिसने, ज्यों ही, जैसे-वैसे, यदि तो इत्यादि व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े होते हैं। जैसे– मैने देखा कि बाजार में चहल-पहल थी, यहाँ दोनों उपवाक्य ‘कि’ व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े हैं।

Explanations:

दिया गया वाक्य ‘विद्यालय की शोभा वही बढ़ा सकता है, जो अनुशासन में रहे’ मिश्र वाक्य का उदाहरण है। जिस वाक्य में मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय के अलावा एक या अधिक समापिका क्रियाएँ हो, उसे मिश्र वाक्य कहते हैं। इसमें मुख्य उद्देश्य और मुख्य विधेय से जो वाक्य बनता है, उसे मुख्य उपवाक्य और दूसरे वाक्यों को आश्रित उपवाक्य कहते है। मिश्र वाक्य के उपवाक्य प्राय: कि, जो, जब, जहाँ, जिसने, ज्यों ही, जैसे-वैसे, यदि तो इत्यादि व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े होते हैं। जैसे– मैने देखा कि बाजार में चहल-पहल थी, यहाँ दोनों उपवाक्य ‘कि’ व्यधिकरण समुच्चयबोधक अव्यय से जुड़े हैं।