Correct Answer:
Option C - ‘वदत्’ पदे प्रकृति-प्रत्ययौ ‘वद्’ धातु: ‘शतृ’ प्रत्यय: च अस्ति। यहाँ ‘वद्’ धातु से ‘शतृ’ प्रत्यय है–
वद् + शतृ = वदत्
पठ् + शतृ = पठत्
गम् + शतृ = गच्छत्
वर्तमानकालिक क्रिया के प्रयोग हेतु शतृ तथा शानच् प्रत्यय का प्रयोग होता हैै शतृ प्रत्यय परस्मैपदी धातुओं से होता है तथा शानच् प्रत्यय आत्मनेपदी धातुओं से होता है।
C. ‘वदत्’ पदे प्रकृति-प्रत्ययौ ‘वद्’ धातु: ‘शतृ’ प्रत्यय: च अस्ति। यहाँ ‘वद्’ धातु से ‘शतृ’ प्रत्यय है–
वद् + शतृ = वदत्
पठ् + शतृ = पठत्
गम् + शतृ = गच्छत्
वर्तमानकालिक क्रिया के प्रयोग हेतु शतृ तथा शानच् प्रत्यय का प्रयोग होता हैै शतृ प्रत्यय परस्मैपदी धातुओं से होता है तथा शानच् प्रत्यय आत्मनेपदी धातुओं से होता है।