Correct Answer:
Option C - वेदान्तसार के अनुसार ‘पाण्डित्य सम्पादन’ प्रयोजन नहीं है जबकि अन्य तीनों (दु:खनिवृत्ति, अभ्युदयलाभ और अज्ञाननिवृत्ति और स्वस्वरूपानन्दावाप्ति) प्रयोजन है।
C. वेदान्तसार के अनुसार ‘पाण्डित्य सम्पादन’ प्रयोजन नहीं है जबकि अन्य तीनों (दु:खनिवृत्ति, अभ्युदयलाभ और अज्ञाननिवृत्ति और स्वस्वरूपानन्दावाप्ति) प्रयोजन है।