Correct Answer:
Option A - वेदान्तसार के अनुसार अज्ञान ‘भावरूप’ है। अज्ञान का लक्षण है-अज्ञानादिसकलजडसमूहोऽवस्तु।
अज्ञानं तु सदसद्भयामनिर्वचनीयं त्रिगुणात्मकं ज्ञानविरोधि भावरूपं यत्किञ्चिदिति वदन्त्यहमज्ञ अर्थात् -अज्ञानसत् या असत् रूप से अनिर्वचनीय त्रिगुणात्मक ज्ञान का विरोधी, भावरूप कुछ है। ऐसा (वृद्धजन) कहते हैं।
A. वेदान्तसार के अनुसार अज्ञान ‘भावरूप’ है। अज्ञान का लक्षण है-अज्ञानादिसकलजडसमूहोऽवस्तु।
अज्ञानं तु सदसद्भयामनिर्वचनीयं त्रिगुणात्मकं ज्ञानविरोधि भावरूपं यत्किञ्चिदिति वदन्त्यहमज्ञ अर्थात् -अज्ञानसत् या असत् रूप से अनिर्वचनीय त्रिगुणात्मक ज्ञान का विरोधी, भावरूप कुछ है। ऐसा (वृद्धजन) कहते हैं।