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Q: वेदान्तसार के अनुसार अज्ञान है
  • A. भावरूप
  • B. अभावरूप
  • C. शून्यरूप
  • D. निष्क्रिय
Correct Answer: Option A - वेदान्तसार के अनुसार अज्ञान ‘भावरूप’ है। अज्ञान का लक्षण है-अज्ञानादिसकलजडसमूहोऽवस्तु। अज्ञानं तु सदसद्भयामनिर्वचनीयं त्रिगुणात्मकं ज्ञानविरोधि भावरूपं यत्किञ्चिदिति वदन्त्यहमज्ञ अर्थात् -अज्ञानसत् या असत् रूप से अनिर्वचनीय त्रिगुणात्मक ज्ञान का विरोधी, भावरूप कुछ है। ऐसा (वृद्धजन) कहते हैं।
A. वेदान्तसार के अनुसार अज्ञान ‘भावरूप’ है। अज्ञान का लक्षण है-अज्ञानादिसकलजडसमूहोऽवस्तु। अज्ञानं तु सदसद्भयामनिर्वचनीयं त्रिगुणात्मकं ज्ञानविरोधि भावरूपं यत्किञ्चिदिति वदन्त्यहमज्ञ अर्थात् -अज्ञानसत् या असत् रूप से अनिर्वचनीय त्रिगुणात्मक ज्ञान का विरोधी, भावरूप कुछ है। ऐसा (वृद्धजन) कहते हैं।

Explanations:

वेदान्तसार के अनुसार अज्ञान ‘भावरूप’ है। अज्ञान का लक्षण है-अज्ञानादिसकलजडसमूहोऽवस्तु। अज्ञानं तु सदसद्भयामनिर्वचनीयं त्रिगुणात्मकं ज्ञानविरोधि भावरूपं यत्किञ्चिदिति वदन्त्यहमज्ञ अर्थात् -अज्ञानसत् या असत् रूप से अनिर्वचनीय त्रिगुणात्मक ज्ञान का विरोधी, भावरूप कुछ है। ऐसा (वृद्धजन) कहते हैं।