Correct Answer:
Option B - वेताल पञ्चविंशतिका ग्रन्थ के लेखक त्रिविक्रमसेन हैं। विद्वानों की परम्परा में इस वेताल पञ्चविंशति को स्वतन्त्र कथाग्रन्थ माना गया है। वेताल पञ्चविंशति की कहानियों का सबसे प्रचलित रूप 11वीं शताब्दी के क्षेमेन्द्र तथा सोमदेव के ग्रन्थ में पाया जाता है। वेताल पञ्चविंशतिका में त्रिविक्रमसेन के बौद्धिक उत्कर्ष में प्रकाशित 25 कहानियाँ निबद्ध की गई है। इसलिए इस ग्रन्थ का नाम वेताल पञ्चविंशति पड़ा।
नोट: माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड ने इस प्रश्न को उत्तर 'इ' माना है।
B. वेताल पञ्चविंशतिका ग्रन्थ के लेखक त्रिविक्रमसेन हैं। विद्वानों की परम्परा में इस वेताल पञ्चविंशति को स्वतन्त्र कथाग्रन्थ माना गया है। वेताल पञ्चविंशति की कहानियों का सबसे प्रचलित रूप 11वीं शताब्दी के क्षेमेन्द्र तथा सोमदेव के ग्रन्थ में पाया जाता है। वेताल पञ्चविंशतिका में त्रिविक्रमसेन के बौद्धिक उत्कर्ष में प्रकाशित 25 कहानियाँ निबद्ध की गई है। इसलिए इस ग्रन्थ का नाम वेताल पञ्चविंशति पड़ा।
नोट: माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड ने इस प्रश्न को उत्तर 'इ' माना है।