Correct Answer:
Option D - विशिष्टाद्वैत दर्शन के प्रतिपादक रामानुजाचार्य थे। इस विचारधारा के अनुसार ब्रह्म समस्त सद्गुणों का साकार रूप है। यह निर्गुण सच्चिदानंद नहीं है, वरन् यह सत्यम्, ज्ञानम् और आनन्दम् का साकार रूप है। रामानुज ने सूत्रों पर भाष्य लिखा जिसे श्री भाष्य कहते हैं।
D. विशिष्टाद्वैत दर्शन के प्रतिपादक रामानुजाचार्य थे। इस विचारधारा के अनुसार ब्रह्म समस्त सद्गुणों का साकार रूप है। यह निर्गुण सच्चिदानंद नहीं है, वरन् यह सत्यम्, ज्ञानम् और आनन्दम् का साकार रूप है। रामानुज ने सूत्रों पर भाष्य लिखा जिसे श्री भाष्य कहते हैं।