Correct Answer:
Option B - बौद्ध धर्म की धार्मिक वास्तुकला भारतीय उपमहाद्वीप में विकसित हुई। शुरूआती बौद्ध धर्म के धार्मिक वास्तुकला से निम्न प्रकार के ढाँचे जुड़े हुए हैं : मठ (विहार), अवशेष (स्तूप) एवं मंदिर या प्रार्थना कक्ष (चैत्य) एवं स्तम्भ। चैत्य बौद्ध पूजा स्थल है जबकि विहार बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थल होता है। स्तूपों के निर्माण का उद्देश्य गौतम बुद्ध के अवशेषों की पूजा व सुरक्षा थी।
बौद्ध मठ (विहार) का तात्पर्य उस जगह से जहाँ बौद्ध धर्म के गुरू अपने शिष्यों को शिक्षा, उपदेश आदि देते हैं। बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर बौद्ध मठ का एक उदाहरण है।
B. बौद्ध धर्म की धार्मिक वास्तुकला भारतीय उपमहाद्वीप में विकसित हुई। शुरूआती बौद्ध धर्म के धार्मिक वास्तुकला से निम्न प्रकार के ढाँचे जुड़े हुए हैं : मठ (विहार), अवशेष (स्तूप) एवं मंदिर या प्रार्थना कक्ष (चैत्य) एवं स्तम्भ। चैत्य बौद्ध पूजा स्थल है जबकि विहार बौद्ध भिक्षुओं का निवास स्थल होता है। स्तूपों के निर्माण का उद्देश्य गौतम बुद्ध के अवशेषों की पूजा व सुरक्षा थी।
बौद्ध मठ (विहार) का तात्पर्य उस जगह से जहाँ बौद्ध धर्म के गुरू अपने शिष्यों को शिक्षा, उपदेश आदि देते हैं। बोधगया में स्थित महाबोधि मंदिर बौद्ध मठ का एक उदाहरण है।