Correct Answer:
Option A - त्रिपिटक बौद्व ग्रन्थों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। बुद्ध की मृत्यु के बाद उनकी शिक्षाओं को संकलित कर तीन भागों में बाटा गया, इन्हीं को त्रिपिटक कहते हैं। ये विनय पिटक (संघ संबधी नियम तथा आचार की शिक्षाएं), सुत्तपिटक (धार्मिक सिद्धान्त) तथा अभिधम्म पिटक (दार्शनिक सिद्धान्त) के रूप में मिलते है इन सभी को पालि भाषा में लिखा गया है।
A. त्रिपिटक बौद्व ग्रन्थों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। बुद्ध की मृत्यु के बाद उनकी शिक्षाओं को संकलित कर तीन भागों में बाटा गया, इन्हीं को त्रिपिटक कहते हैं। ये विनय पिटक (संघ संबधी नियम तथा आचार की शिक्षाएं), सुत्तपिटक (धार्मिक सिद्धान्त) तथा अभिधम्म पिटक (दार्शनिक सिद्धान्त) के रूप में मिलते है इन सभी को पालि भाषा में लिखा गया है।