Correct Answer:
Option A - वाङ्मय का सन्धि विच्छेद वाक् + मय होगा।
⇒ वाङ्मय में व्यंजन सन्धि है।
⇒ व्यंजन से स्वर अथवा व्यंजन के मेल से उत्पनन विकार को ‘व्यंजन संधि’ कहते है।
⇒ यदि क्, च्, ट्, त्, प्, के बाद न या म आये, तो क् च्, ट्, त्, प् अपने वर्ग के पंचम वर्ण में बदल जाते है।
जैसे-वाक् + मय = वाङ्मय, उत् + नति = उन्नति जगत् + नाथ = जगन्नाथ
A. वाङ्मय का सन्धि विच्छेद वाक् + मय होगा।
⇒ वाङ्मय में व्यंजन सन्धि है।
⇒ व्यंजन से स्वर अथवा व्यंजन के मेल से उत्पनन विकार को ‘व्यंजन संधि’ कहते है।
⇒ यदि क्, च्, ट्, त्, प्, के बाद न या म आये, तो क् च्, ट्, त्, प् अपने वर्ग के पंचम वर्ण में बदल जाते है।
जैसे-वाक् + मय = वाङ्मय, उत् + नति = उन्नति जगत् + नाथ = जगन्नाथ