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Q: वनेचर किस वन में युधिष्ठिर के पास आया?
  • A. जैतवन
  • B. द्वैतवन
  • C. दण्डकारण्य
  • D. विन्ध्याटवी
Correct Answer: Option B - भारविकृत किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग के प्रथम श्लोक में कहा गया है – ‘‘युधिष्ठिरं द्वैतवने वनेचर:।’’ अर्थात् ब्रह्मचारी का वेष धारण करने वाला वनेचर सारा वृतान्त जानकर द्वैतवन में युधिष्ठिर के पास आया।
B. भारविकृत किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग के प्रथम श्लोक में कहा गया है – ‘‘युधिष्ठिरं द्वैतवने वनेचर:।’’ अर्थात् ब्रह्मचारी का वेष धारण करने वाला वनेचर सारा वृतान्त जानकर द्वैतवन में युधिष्ठिर के पास आया।

Explanations:

भारविकृत किरातार्जुनीयम् के प्रथम सर्ग के प्रथम श्लोक में कहा गया है – ‘‘युधिष्ठिरं द्वैतवने वनेचर:।’’ अर्थात् ब्रह्मचारी का वेष धारण करने वाला वनेचर सारा वृतान्त जानकर द्वैतवन में युधिष्ठिर के पास आया।