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Q: विकास के वैयक्तिक विभिन्नता को समझने के लिए क्या महत्त्वपूर्ण है?
  • A. पर्यावरणीय कारकों पर विचार करना जो लोगों को प्रभावित करते हैं।
  • B. शरीर एवं दिमाग के परिपक्वन पर विचार करना।
  • C. वंशागत विशेषताओं के साथ–साथ पर्यावरणीय कारकों एवं उनकी पारस्परिक क्रिया पर विचार करना।
  • D. वंशागत विशेषताओं पर विचार करना जो प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में विशेष शुरुआत देती हैं।
Correct Answer: Option C - विकास में वैयक्तिक विभिन्नता को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण है कि वंशागत विशेषताओं के साथ-साथ पर्यावरणीय कारकों एवं उसकी पारस्परिक क्रिया पर भी विचार किया जाना चाहिए। क्योंकि व्यक्ति के विकास में वंशानुक्रम तथा वातावरण दोनों की ही महत्त्वपूर्ण भूमिका रहती है। व्यक्ति जो कुछ भी सोचता है, करता है अथवा अनुभव करता है वह उसके वंशानुक्रम तथा वातावरण की परस्पर अंतक्रिया का परिणाम होता है। इसलिए व्यक्ति विकास की वैयक्तिक विभिन्नता को समझने के लिए वंशानुक्रम और वातावरण दोनों की परस्पर अंतक्रिया पर विचार किया जाना चाहिए।
C. विकास में वैयक्तिक विभिन्नता को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण है कि वंशागत विशेषताओं के साथ-साथ पर्यावरणीय कारकों एवं उसकी पारस्परिक क्रिया पर भी विचार किया जाना चाहिए। क्योंकि व्यक्ति के विकास में वंशानुक्रम तथा वातावरण दोनों की ही महत्त्वपूर्ण भूमिका रहती है। व्यक्ति जो कुछ भी सोचता है, करता है अथवा अनुभव करता है वह उसके वंशानुक्रम तथा वातावरण की परस्पर अंतक्रिया का परिणाम होता है। इसलिए व्यक्ति विकास की वैयक्तिक विभिन्नता को समझने के लिए वंशानुक्रम और वातावरण दोनों की परस्पर अंतक्रिया पर विचार किया जाना चाहिए।

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विकास में वैयक्तिक विभिन्नता को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण है कि वंशागत विशेषताओं के साथ-साथ पर्यावरणीय कारकों एवं उसकी पारस्परिक क्रिया पर भी विचार किया जाना चाहिए। क्योंकि व्यक्ति के विकास में वंशानुक्रम तथा वातावरण दोनों की ही महत्त्वपूर्ण भूमिका रहती है। व्यक्ति जो कुछ भी सोचता है, करता है अथवा अनुभव करता है वह उसके वंशानुक्रम तथा वातावरण की परस्पर अंतक्रिया का परिणाम होता है। इसलिए व्यक्ति विकास की वैयक्तिक विभिन्नता को समझने के लिए वंशानुक्रम और वातावरण दोनों की परस्पर अंतक्रिया पर विचार किया जाना चाहिए।