Correct Answer:
Option B - विकास बहुआयामी होता है। यहाँ बहुआयामी से तात्पर्य विकास के विभिन्न पक्षों, विभिन्न अवस्थाओं और विकास के विभिन्न सिद्धान्तों से है। बालक का विकास जीवन पर्यन्त चलता रहता है और यह विभिन्न पक्षों में होता है, जैसे- शारीरिक पक्ष, मानसिक पक्ष, सामाजिक पक्ष, संवेगात्मक पक्ष आदि। इसी प्रकार विकास के सिद्धान्त के अनुसार बालक का विकास निकट से दूर की ओर, सिर से पैर की ओर तथा केन्द्र से बाहर की ओर भी होता है। यही कारण है कि विकास को बहुआयामी माना जाता है।
B. विकास बहुआयामी होता है। यहाँ बहुआयामी से तात्पर्य विकास के विभिन्न पक्षों, विभिन्न अवस्थाओं और विकास के विभिन्न सिद्धान्तों से है। बालक का विकास जीवन पर्यन्त चलता रहता है और यह विभिन्न पक्षों में होता है, जैसे- शारीरिक पक्ष, मानसिक पक्ष, सामाजिक पक्ष, संवेगात्मक पक्ष आदि। इसी प्रकार विकास के सिद्धान्त के अनुसार बालक का विकास निकट से दूर की ओर, सिर से पैर की ओर तथा केन्द्र से बाहर की ओर भी होता है। यही कारण है कि विकास को बहुआयामी माना जाता है।