Correct Answer:
Option A - विकास के किशोरावस्था के चरण में बहुत से हार्मोन संंबंधी परिवर्तन होते हैं तथा अपनी पहचान की सक्रिय खोज पर बल होता है। किशोरावस्था बालक के विकास की सबसे विचित्र तथा जटिल अवस्था है। इसका काल 12 वर्ष से 18 वर्ष तक रहता है। इस अवस्था में बालक दो अवस्थाओं में रहता है। उसे न तो बालक ही समझा जाता है और न ही प्रौढ़ के रूप में स्वीकृति मिलती है। इस अवस्था में होने वाले परिवर्तन बालक के व्यक्तित्व के गठन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। हॉल ने किशोरावस्था को संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था कहा है।
A. विकास के किशोरावस्था के चरण में बहुत से हार्मोन संंबंधी परिवर्तन होते हैं तथा अपनी पहचान की सक्रिय खोज पर बल होता है। किशोरावस्था बालक के विकास की सबसे विचित्र तथा जटिल अवस्था है। इसका काल 12 वर्ष से 18 वर्ष तक रहता है। इस अवस्था में बालक दो अवस्थाओं में रहता है। उसे न तो बालक ही समझा जाता है और न ही प्रौढ़ के रूप में स्वीकृति मिलती है। इस अवस्था में होने वाले परिवर्तन बालक के व्यक्तित्व के गठन में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। हॉल ने किशोरावस्था को संघर्ष, तनाव, तूफान तथा विरोध की अवस्था कहा है।