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Q: वह शक्ति जिसके द्वारा सर्वोच्च न्यायालय किसी भी व्यक्ति द्वारा संबोधित किसी भी पत्र को रिट में परिवर्तित कर सकता है और मामले की सुनवाई कर सकता है, उसे..................कहा जाता है।
  • A. पत्रात्मक अधिकार-क्षेत्र
  • B. अपीलीय अधिकार-क्षेत्र
  • C. सलाहकार अधिकार-क्षेत्र
  • D. मूल अधिकार-क्षेत्र
Correct Answer: Option A - वह शक्ति जिसके द्वारा सर्वोच्च न्यायालय किसी भी व्यक्ति द्वारा सम्बोधित किसी भी पत्र को रिट में परिवर्तित कर सकता है और मामले की सुनवाई कर सकता है, उसे पत्रात्मक अधिकार क्षेत्र कहा जाता है। संविधान के अनु. 131 में सर्वोच्च न्यायालय के मौलिक अधिकार-क्षेत्र, अनु. 132, 133, 134 व 136 में अपीलीय अधिकार-क्षेत्र तथा अनु. 143 में सलाहकारी अधिकार क्षेत्र का उपबन्ध विनिर्दिष्ट है।
A. वह शक्ति जिसके द्वारा सर्वोच्च न्यायालय किसी भी व्यक्ति द्वारा सम्बोधित किसी भी पत्र को रिट में परिवर्तित कर सकता है और मामले की सुनवाई कर सकता है, उसे पत्रात्मक अधिकार क्षेत्र कहा जाता है। संविधान के अनु. 131 में सर्वोच्च न्यायालय के मौलिक अधिकार-क्षेत्र, अनु. 132, 133, 134 व 136 में अपीलीय अधिकार-क्षेत्र तथा अनु. 143 में सलाहकारी अधिकार क्षेत्र का उपबन्ध विनिर्दिष्ट है।

Explanations:

वह शक्ति जिसके द्वारा सर्वोच्च न्यायालय किसी भी व्यक्ति द्वारा सम्बोधित किसी भी पत्र को रिट में परिवर्तित कर सकता है और मामले की सुनवाई कर सकता है, उसे पत्रात्मक अधिकार क्षेत्र कहा जाता है। संविधान के अनु. 131 में सर्वोच्च न्यायालय के मौलिक अधिकार-क्षेत्र, अनु. 132, 133, 134 व 136 में अपीलीय अधिकार-क्षेत्र तथा अनु. 143 में सलाहकारी अधिकार क्षेत्र का उपबन्ध विनिर्दिष्ट है।