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Q: वह स्थान जहाँ चाँगपा अपनी भेड़ें एवं बकरियाँ रखते थे, कहलाता है :
  • A. रेबो
  • B. लेखा
  • C. शेड
  • D. पेन
Correct Answer: Option B - चांगपा लद्दाख में पाई जाने वाली खानाबदोष जनजाति हैं। उनके लिए उनकी बकरियाँ और भेड़े सबसे महत्वपूर्ण जानवर हैं। वे रेबो नामक एक बड़े शंकु के आकार के तंबू में रहते हैं जो उनके पास भेड़ और बकरियों को रखने के लिए एक जगह है जिसे लेखा कहा जाता है। लेखों की दीवारें पत्थरों की बनी होती हैं।
B. चांगपा लद्दाख में पाई जाने वाली खानाबदोष जनजाति हैं। उनके लिए उनकी बकरियाँ और भेड़े सबसे महत्वपूर्ण जानवर हैं। वे रेबो नामक एक बड़े शंकु के आकार के तंबू में रहते हैं जो उनके पास भेड़ और बकरियों को रखने के लिए एक जगह है जिसे लेखा कहा जाता है। लेखों की दीवारें पत्थरों की बनी होती हैं।

Explanations:

चांगपा लद्दाख में पाई जाने वाली खानाबदोष जनजाति हैं। उनके लिए उनकी बकरियाँ और भेड़े सबसे महत्वपूर्ण जानवर हैं। वे रेबो नामक एक बड़े शंकु के आकार के तंबू में रहते हैं जो उनके पास भेड़ और बकरियों को रखने के लिए एक जगह है जिसे लेखा कहा जाता है। लेखों की दीवारें पत्थरों की बनी होती हैं।