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Q: वह पद्य जो अभिज्ञानशाकुन्तल के श्लोक चतुष्ट्य के अन्तर्गत
  • A. विचिन्तयन्ती यमनन्यमानसा.......
  • B. सरसिजमनुविद्धं शैवलेनापि ......
  • C. अधरं किमलय राग: कोमल .......
  • D. यास्त्यद्य शकुन्तलेतिहृदयं ......
Correct Answer: Option D - – अभिज्ञान शाकुन्तल के श्लोक चतुष्टय चतुर्थ अङ्क में है। जो इस प्रकार हैं- 1. यास्त्यद्य शकुन्तलेति हृदयं--------- 2. अस्मान् साधु विचिन्त्य------------ 3. पातुं न प्रथमं व्यवस्यति जलं ----- 4. शुश्रूषस्व गुरून् -----------------
D. – अभिज्ञान शाकुन्तल के श्लोक चतुष्टय चतुर्थ अङ्क में है। जो इस प्रकार हैं- 1. यास्त्यद्य शकुन्तलेति हृदयं--------- 2. अस्मान् साधु विचिन्त्य------------ 3. पातुं न प्रथमं व्यवस्यति जलं ----- 4. शुश्रूषस्व गुरून् -----------------

Explanations:

– अभिज्ञान शाकुन्तल के श्लोक चतुष्टय चतुर्थ अङ्क में है। जो इस प्रकार हैं- 1. यास्त्यद्य शकुन्तलेति हृदयं--------- 2. अस्मान् साधु विचिन्त्य------------ 3. पातुं न प्रथमं व्यवस्यति जलं ----- 4. शुश्रूषस्व गुरून् -----------------