Correct Answer:
Option D - नैमिषारण्य में 60,000 मुनियों की सभा में सम्पूर्ण महाभारत कथा का वाचन किया गया था। नैमिषारण्य सीतापुर जनपद में स्थित है। पृथ्वी पर सत्य की स्थापना के लिए देवताओं ने यहीं पर वृत्रासुर के वध हेतु अस्त्र बनाने के लिए महर्षि दधीचि से प्रार्थना की थी। नैमिषारण्य आध्यात्मिक विकास का केन्द्र रहा है। यह अट्ठासी हजार ऋषियों की तपस्थली रही है। यहां तीस हजार तीर्थ स्थल हैं।
D. नैमिषारण्य में 60,000 मुनियों की सभा में सम्पूर्ण महाभारत कथा का वाचन किया गया था। नैमिषारण्य सीतापुर जनपद में स्थित है। पृथ्वी पर सत्य की स्थापना के लिए देवताओं ने यहीं पर वृत्रासुर के वध हेतु अस्त्र बनाने के लिए महर्षि दधीचि से प्रार्थना की थी। नैमिषारण्य आध्यात्मिक विकास का केन्द्र रहा है। यह अट्ठासी हजार ऋषियों की तपस्थली रही है। यहां तीस हजार तीर्थ स्थल हैं।