Correct Answer:
Option A - रिंग टोपोलॉजी में प्रत्येक संभावित नोड दो दिशाओं से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इसमें डाटा एक ही दिशा में संचार होता है। इसमें बीच-बीच में रिपीटर लगा होता है। इसमें एक नोड में खराबी आने पर सारा नेटवर्क ध्वस्त हो जाता है।
A. रिंग टोपोलॉजी में प्रत्येक संभावित नोड दो दिशाओं से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इसमें डाटा एक ही दिशा में संचार होता है। इसमें बीच-बीच में रिपीटर लगा होता है। इसमें एक नोड में खराबी आने पर सारा नेटवर्क ध्वस्त हो जाता है।