Correct Answer:
Option A - अर्णोराज का पुत्र विग्रहराज IV अथवा वीसलदेव चौहान वंश का सबसे प्रतापी राजा था। इसने ही अजमेर में एक संस्कृत कालेज की स्थापना की थी। जिसे कुतुब-उद्-दीन ऐबक द्वारा एक मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया। माना जाता है कि इस मस्जिद का निर्माण अढाई दिन में किया गया और इस कारण इसका नाम ‘अढाई दिन का झोपड़ा’ मस्जिद पड़ गया।
A. अर्णोराज का पुत्र विग्रहराज IV अथवा वीसलदेव चौहान वंश का सबसे प्रतापी राजा था। इसने ही अजमेर में एक संस्कृत कालेज की स्थापना की थी। जिसे कुतुब-उद्-दीन ऐबक द्वारा एक मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया। माना जाता है कि इस मस्जिद का निर्माण अढाई दिन में किया गया और इस कारण इसका नाम ‘अढाई दिन का झोपड़ा’ मस्जिद पड़ गया।