Correct Answer:
Option B - ऊर्जा का पिरामिड ‘सदैव सीधा’ होता है।
• जो पिरामिड किसी पारिस्थितिकी तन्त्र के विभिन्न पोषण तत्त्वों के जीवधारियों द्वारा प्रयोग की गई नई ऊर्जा के सम्पूर्ण परिणाम का बोध कराता है, उसे संचित ऊर्जा का पिरामिड कहते हैं।
• प्राथमिक उत्पादक सूर्य की ऊर्जा को पहले रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते है, जो कार्बनिक पदार्थों के रूप में होती है।
B. ऊर्जा का पिरामिड ‘सदैव सीधा’ होता है।
• जो पिरामिड किसी पारिस्थितिकी तन्त्र के विभिन्न पोषण तत्त्वों के जीवधारियों द्वारा प्रयोग की गई नई ऊर्जा के सम्पूर्ण परिणाम का बोध कराता है, उसे संचित ऊर्जा का पिरामिड कहते हैं।
• प्राथमिक उत्पादक सूर्य की ऊर्जा को पहले रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते है, जो कार्बनिक पदार्थों के रूप में होती है।