search
Q: उत्तररामचरितस्य तृतीयाङ्कस्य नाम किम् ?
  • A. सीता
  • B. छाया
  • C. माया
  • D. प्रज्ञा
Correct Answer: Option B - उत्तररामचरितस्य तृतीयाङ्कस्य नाम छायाज्र् (छाया)। उत्तररामचरितम् भवभूति की अनुपम कृति है। तृतीय अंक को छायांक इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें राम को सीता का चित्र दिखाया जाता है। • इस अंक में राम को सीता की छाया नहीं दिखाई देती है। • इस अंक में सीता की छाया सभी दर्शकों एवं पात्रों को नहीं दिखाई पड़ती है।
B. उत्तररामचरितस्य तृतीयाङ्कस्य नाम छायाज्र् (छाया)। उत्तररामचरितम् भवभूति की अनुपम कृति है। तृतीय अंक को छायांक इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें राम को सीता का चित्र दिखाया जाता है। • इस अंक में राम को सीता की छाया नहीं दिखाई देती है। • इस अंक में सीता की छाया सभी दर्शकों एवं पात्रों को नहीं दिखाई पड़ती है।

Explanations:

उत्तररामचरितस्य तृतीयाङ्कस्य नाम छायाज्र् (छाया)। उत्तररामचरितम् भवभूति की अनुपम कृति है। तृतीय अंक को छायांक इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें राम को सीता का चित्र दिखाया जाता है। • इस अंक में राम को सीता की छाया नहीं दिखाई देती है। • इस अंक में सीता की छाया सभी दर्शकों एवं पात्रों को नहीं दिखाई पड़ती है।