Correct Answer:
Option D - उत्तररामचरित के तृतीय अंक में गर्भ सन्धि है।
गर्भ संधि-गर्भस्तु दृष्टनष्टस्य बीजास्यान्वेषणं मुहु: ।
द्वादशाङ् पताका स्यान्न वा स्याप्राप्ति सम्भव: ।।
अर्थात्-गर्भ सन्धि में दिखाई देकर खोये गये बीज का बार-बार अन्वेषण किया जाता है।
D. उत्तररामचरित के तृतीय अंक में गर्भ सन्धि है।
गर्भ संधि-गर्भस्तु दृष्टनष्टस्य बीजास्यान्वेषणं मुहु: ।
द्वादशाङ् पताका स्यान्न वा स्याप्राप्ति सम्भव: ।।
अर्थात्-गर्भ सन्धि में दिखाई देकर खोये गये बीज का बार-बार अन्वेषण किया जाता है।