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Q: उत्तर प्रदेश में जायद फसल :
  • A. मार्च में बोई जाती है और जून में काटी जाती है
  • B. जून में बोई जाती है और सितंबर में काटी जाती है
  • C. सितम्बर में बोई जाती है और नवंबर में काटी जाती है
  • D. नवंबर में बोई जाती है और मार्च में काटी जाती है
Correct Answer: Option A - उत्तर प्रदेश में जायद की फसल मार्च में बोई जाती है और जून में काटी जाती है। जायद की फसलों में शुष्क हवाएँ और तेज गर्मी सहन करने की क्षमता पायी जाती है। तरबूज, खीरा, खरबूजा, उड़द, ककड़ी एवं सूरजमुखी आदि जायद की मुख्य फसलें हैं। खरीफ फसलें जून-जुलाई में बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवम्बर में कटायी की जाती है। जैसे- मक्का, बाजरा, चावल, गन्ना, जूट, कपास एवं तिल आदि।
A. उत्तर प्रदेश में जायद की फसल मार्च में बोई जाती है और जून में काटी जाती है। जायद की फसलों में शुष्क हवाएँ और तेज गर्मी सहन करने की क्षमता पायी जाती है। तरबूज, खीरा, खरबूजा, उड़द, ककड़ी एवं सूरजमुखी आदि जायद की मुख्य फसलें हैं। खरीफ फसलें जून-जुलाई में बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवम्बर में कटायी की जाती है। जैसे- मक्का, बाजरा, चावल, गन्ना, जूट, कपास एवं तिल आदि।

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उत्तर प्रदेश में जायद की फसल मार्च में बोई जाती है और जून में काटी जाती है। जायद की फसलों में शुष्क हवाएँ और तेज गर्मी सहन करने की क्षमता पायी जाती है। तरबूज, खीरा, खरबूजा, उड़द, ककड़ी एवं सूरजमुखी आदि जायद की मुख्य फसलें हैं। खरीफ फसलें जून-जुलाई में बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवम्बर में कटायी की जाती है। जैसे- मक्का, बाजरा, चावल, गन्ना, जूट, कपास एवं तिल आदि।