search
Q: उत्तर प्रदेश में _______ हेतु शबरी संकल्प अभियान की शुरुआत की गई थी।
  • A. गरीबी दूर करने
  • B. कुपोषण दूर करने
  • C. बेरोजगारी दूर करने
  • D. निरक्षरता दूर करने
Correct Answer: Option B - उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हौसला पोषण योजना की तर्ज पर प्रदेश के 29 जिलों में शबरी संकल्प योजना शुरू की गयी, शबरी संकल्प योजना के तहत महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिये (ऐसी महिलायें जिनका जीवन दैनिक मजदूरी पर निर्भर है) तथा उनके दो वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिये पांच सौ रुपया प्रतिमाह 6 माह हेतु तीन हजार रुपये उनके बैंक खाते में भेजा जायेगा। 6 माह के बाद नवजात बच्चे के दो वर्ष होने तक पोषण के लिये 500 रुपये प्रतिमाह की दर से प्रत्येक 6 माह पर दिया जायेगा। इस योजना में वही महिलाएँ पात्र होंगी जिनकी आयु प्रसव के समय कम से कम 19 वर्ष हो तथा आँगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत हो तथा उनका प्रसव संस्थागत सरकारी या निजी नर्सिंग होम में होना अनिवार्य है।
B. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हौसला पोषण योजना की तर्ज पर प्रदेश के 29 जिलों में शबरी संकल्प योजना शुरू की गयी, शबरी संकल्प योजना के तहत महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिये (ऐसी महिलायें जिनका जीवन दैनिक मजदूरी पर निर्भर है) तथा उनके दो वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिये पांच सौ रुपया प्रतिमाह 6 माह हेतु तीन हजार रुपये उनके बैंक खाते में भेजा जायेगा। 6 माह के बाद नवजात बच्चे के दो वर्ष होने तक पोषण के लिये 500 रुपये प्रतिमाह की दर से प्रत्येक 6 माह पर दिया जायेगा। इस योजना में वही महिलाएँ पात्र होंगी जिनकी आयु प्रसव के समय कम से कम 19 वर्ष हो तथा आँगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत हो तथा उनका प्रसव संस्थागत सरकारी या निजी नर्सिंग होम में होना अनिवार्य है।

Explanations:

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हौसला पोषण योजना की तर्ज पर प्रदेश के 29 जिलों में शबरी संकल्प योजना शुरू की गयी, शबरी संकल्प योजना के तहत महिलाओं को कुपोषण से बचाने के लिये (ऐसी महिलायें जिनका जीवन दैनिक मजदूरी पर निर्भर है) तथा उनके दो वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से दूर रखने के लिये पांच सौ रुपया प्रतिमाह 6 माह हेतु तीन हजार रुपये उनके बैंक खाते में भेजा जायेगा। 6 माह के बाद नवजात बच्चे के दो वर्ष होने तक पोषण के लिये 500 रुपये प्रतिमाह की दर से प्रत्येक 6 माह पर दिया जायेगा। इस योजना में वही महिलाएँ पात्र होंगी जिनकी आयु प्रसव के समय कम से कम 19 वर्ष हो तथा आँगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत हो तथा उनका प्रसव संस्थागत सरकारी या निजी नर्सिंग होम में होना अनिवार्य है।