Correct Answer:
Option D - पियाजे के अनुसार मूर्त संक्रियात्मक अवस्था 7–11 वर्ष तक होती है। यही आयु उत्तर बाल्यावस्था की भी होती है। इस आयु में बच्चे द्रव्यमान, संख्या और क्षेत्र में परिवर्तन को समझने लगते हैं।
D. पियाजे के अनुसार मूर्त संक्रियात्मक अवस्था 7–11 वर्ष तक होती है। यही आयु उत्तर बाल्यावस्था की भी होती है। इस आयु में बच्चे द्रव्यमान, संख्या और क्षेत्र में परिवर्तन को समझने लगते हैं।