Correct Answer:
Option A - जिस प्रकार ‘सूक्ष्मदर्शी’ का उपयोग नजदीक की वस्तु देखने के लिए तथा दूरदर्शी का उपयोग दूर की वस्तु देखने के लिए किया जाता है, उसी प्रकार आवर्धक लेन्स का उपयोग नजदीक की वस्तु देखने के लिए तथा बाइनाकुलर्स (दूरबीन) का उपयोग दूर की वस्तु देखने के लिए करते है।
A. जिस प्रकार ‘सूक्ष्मदर्शी’ का उपयोग नजदीक की वस्तु देखने के लिए तथा दूरदर्शी का उपयोग दूर की वस्तु देखने के लिए किया जाता है, उसी प्रकार आवर्धक लेन्स का उपयोग नजदीक की वस्तु देखने के लिए तथा बाइनाकुलर्स (दूरबीन) का उपयोग दूर की वस्तु देखने के लिए करते है।