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Q: Upon a detailed topographical investigation, an engineer wants to align a canal. Along which of the following should he align the canal? एक विस्तृत स्थलाकृतिक जाँच पर, एक अभियंता एक नहर को संरेखित करना चाहता है। निम्नलिखित में से किसके साथ उस नहर को संरेखित करना चाहिए?
  • A. Contour line/समोच्च रेखा
  • B. Atmospheric pressure line/वायुमण्डलीय दाब रेखा (म्)
  • C. Valley line/घाटी रेखा
  • D. Ridge line/टीला रेखा
Correct Answer: Option D - विस्तृत स्थलाकृतिक जाँच के बाद एक अभियंता को नहर संरेखित करने के लिए जहाँ तक सम्भव हो नहर को जल विभाजक रेखा (Water shed line) अथवा रिज रेखा (Ridge line) पर से निकालना चाहिए ताकि नहर के दोनों तरफ के क्षेत्रों की गुरुत्व प्रवाह द्वारा सिंचाई हो सके। ■ यदि किसी बाँध के कारण नहर रिज से हटाई जाती है तो इसे पुन: रिज रेखा पर ले आना चाहिए। सिंचाई नहर का संरेखण निर्धारित करते समय निम्नलिखित मुख्य बातों को ध्यान में रखना चाहिए- ■ नहर का संरेखण ऐसा होना चाहिए कि अधिक से अधिक क्षेत्र इसकी कमांड में आ सके। ■ नहर को ऊबड़-खाबड़, अधिक ऊतार-चढ़ाव वाली, पथरीली, जलग्रस्त, दलदली व क्षारीय भूमि से नहीं निकालना चाहिए। ■ नहर का संरेखण ऐसा रखना चाहिए कि कम से कम क्रॉस-ड्रेन (Cross Drains) को पार करना पड़े। ■ संरेखण ऐसा चुनना चाहिए कि नहर का परिच्छेद मितव्ययी हो और इसके निर्माण के लिए अत्यधिक भराव अथवा कटान न करना पड़े।
D. विस्तृत स्थलाकृतिक जाँच के बाद एक अभियंता को नहर संरेखित करने के लिए जहाँ तक सम्भव हो नहर को जल विभाजक रेखा (Water shed line) अथवा रिज रेखा (Ridge line) पर से निकालना चाहिए ताकि नहर के दोनों तरफ के क्षेत्रों की गुरुत्व प्रवाह द्वारा सिंचाई हो सके। ■ यदि किसी बाँध के कारण नहर रिज से हटाई जाती है तो इसे पुन: रिज रेखा पर ले आना चाहिए। सिंचाई नहर का संरेखण निर्धारित करते समय निम्नलिखित मुख्य बातों को ध्यान में रखना चाहिए- ■ नहर का संरेखण ऐसा होना चाहिए कि अधिक से अधिक क्षेत्र इसकी कमांड में आ सके। ■ नहर को ऊबड़-खाबड़, अधिक ऊतार-चढ़ाव वाली, पथरीली, जलग्रस्त, दलदली व क्षारीय भूमि से नहीं निकालना चाहिए। ■ नहर का संरेखण ऐसा रखना चाहिए कि कम से कम क्रॉस-ड्रेन (Cross Drains) को पार करना पड़े। ■ संरेखण ऐसा चुनना चाहिए कि नहर का परिच्छेद मितव्ययी हो और इसके निर्माण के लिए अत्यधिक भराव अथवा कटान न करना पड़े।

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विस्तृत स्थलाकृतिक जाँच के बाद एक अभियंता को नहर संरेखित करने के लिए जहाँ तक सम्भव हो नहर को जल विभाजक रेखा (Water shed line) अथवा रिज रेखा (Ridge line) पर से निकालना चाहिए ताकि नहर के दोनों तरफ के क्षेत्रों की गुरुत्व प्रवाह द्वारा सिंचाई हो सके। ■ यदि किसी बाँध के कारण नहर रिज से हटाई जाती है तो इसे पुन: रिज रेखा पर ले आना चाहिए। सिंचाई नहर का संरेखण निर्धारित करते समय निम्नलिखित मुख्य बातों को ध्यान में रखना चाहिए- ■ नहर का संरेखण ऐसा होना चाहिए कि अधिक से अधिक क्षेत्र इसकी कमांड में आ सके। ■ नहर को ऊबड़-खाबड़, अधिक ऊतार-चढ़ाव वाली, पथरीली, जलग्रस्त, दलदली व क्षारीय भूमि से नहीं निकालना चाहिए। ■ नहर का संरेखण ऐसा रखना चाहिए कि कम से कम क्रॉस-ड्रेन (Cross Drains) को पार करना पड़े। ■ संरेखण ऐसा चुनना चाहिए कि नहर का परिच्छेद मितव्ययी हो और इसके निर्माण के लिए अत्यधिक भराव अथवा कटान न करना पड़े।