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Q: उपपदसमासस्य उदाहरणमस्ति
  • A. कुम्भकार:
  • B. प्राचार्य:
  • C. युधिष्ठिर
  • D. चिन्मात्रम्
Correct Answer: Option A - उपपदसमासस्य उदाहरणं ‘कुम्भकार:’ अस्ति। अर्थात् उपपदसमास का उदाहरण ‘कुम्भकार:’ है। जब कर्म उपपद होता है और कृदन्त पश्चात् में हो तो उपपद समास होता है जैसे- कुम्भ (कर्म) उपपद कार: (कृदन्त) अत: अर्थ हुआ कुम्भ को करने वाला। इसी प्रकार चर्मकार:, स्वर्णकार:, सामग: आदि। अत: विकल्प (a) सही है शेष विकल्पों में ‘प्राचार्य:’ प्रादितत्पुरुष का, ‘युधिष्ठिर:’ अलुव्â तत्पुरुष का तथा ‘चिन्मात्रम्’ मयूर व्यसंकार का उदाहरण है।
A. उपपदसमासस्य उदाहरणं ‘कुम्भकार:’ अस्ति। अर्थात् उपपदसमास का उदाहरण ‘कुम्भकार:’ है। जब कर्म उपपद होता है और कृदन्त पश्चात् में हो तो उपपद समास होता है जैसे- कुम्भ (कर्म) उपपद कार: (कृदन्त) अत: अर्थ हुआ कुम्भ को करने वाला। इसी प्रकार चर्मकार:, स्वर्णकार:, सामग: आदि। अत: विकल्प (a) सही है शेष विकल्पों में ‘प्राचार्य:’ प्रादितत्पुरुष का, ‘युधिष्ठिर:’ अलुव्â तत्पुरुष का तथा ‘चिन्मात्रम्’ मयूर व्यसंकार का उदाहरण है।

Explanations:

उपपदसमासस्य उदाहरणं ‘कुम्भकार:’ अस्ति। अर्थात् उपपदसमास का उदाहरण ‘कुम्भकार:’ है। जब कर्म उपपद होता है और कृदन्त पश्चात् में हो तो उपपद समास होता है जैसे- कुम्भ (कर्म) उपपद कार: (कृदन्त) अत: अर्थ हुआ कुम्भ को करने वाला। इसी प्रकार चर्मकार:, स्वर्णकार:, सामग: आदि। अत: विकल्प (a) सही है शेष विकल्पों में ‘प्राचार्य:’ प्रादितत्पुरुष का, ‘युधिष्ठिर:’ अलुव्â तत्पुरुष का तथा ‘चिन्मात्रम्’ मयूर व्यसंकार का उदाहरण है।