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Q: उपमानपूर्वपदकर्मधारयस्य उदाहरणमस्ति–
  • A. घनश्याम:
  • B. पुरुषव्याघ्र:
  • C. कृष्णसर्प:
  • D. चराचरम्
Correct Answer: Option A - उपमानपूर्वपद कर्मधारयस्य उदाहरणम् घनश्याम: अस्ति। घनश्याम: (बादल की तरह श्याम वर्ण वाले श्रीकृष्ण) यहाँ घन उपमा है जो पूर्व पद में प्रयुक्त है इसीलिए यह उदाहरण ‘उपमानपूर्वक पद कर्मधारय’ सूत्र का है। लौकिक विग्रह अलौकिक विग्रह घन इव श्याम: घन सु + श्याम सु कृष्णसर्प: (कृष्ण सर्प:/कृष्णश्चासौ सर्प:) यह ‘विशेषणं विशेष्येण बहुलम् सूत्र का उदाहरण है।
A. उपमानपूर्वपद कर्मधारयस्य उदाहरणम् घनश्याम: अस्ति। घनश्याम: (बादल की तरह श्याम वर्ण वाले श्रीकृष्ण) यहाँ घन उपमा है जो पूर्व पद में प्रयुक्त है इसीलिए यह उदाहरण ‘उपमानपूर्वक पद कर्मधारय’ सूत्र का है। लौकिक विग्रह अलौकिक विग्रह घन इव श्याम: घन सु + श्याम सु कृष्णसर्प: (कृष्ण सर्प:/कृष्णश्चासौ सर्प:) यह ‘विशेषणं विशेष्येण बहुलम् सूत्र का उदाहरण है।

Explanations:

उपमानपूर्वपद कर्मधारयस्य उदाहरणम् घनश्याम: अस्ति। घनश्याम: (बादल की तरह श्याम वर्ण वाले श्रीकृष्ण) यहाँ घन उपमा है जो पूर्व पद में प्रयुक्त है इसीलिए यह उदाहरण ‘उपमानपूर्वक पद कर्मधारय’ सूत्र का है। लौकिक विग्रह अलौकिक विग्रह घन इव श्याम: घन सु + श्याम सु कृष्णसर्प: (कृष्ण सर्प:/कृष्णश्चासौ सर्प:) यह ‘विशेषणं विशेष्येण बहुलम् सूत्र का उदाहरण है।