Explanations:
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत उत्तर प्रदेश का राज्यपाल, उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए अर्हित किसी व्यक्ति को राज्य का महाधिवक्ता नियुक्ति करता है। महाधिवक्ता, राज्यपाल के प्रसादपर्यन्त पद धारण करेगा और ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करेगा जो राज्यपाल अवधारित करे। महाधिवक्ता राज्य की विधान सभा या विधान परिषद अथवा दोनों में सदनों की कार्यवाही में भाग ले सकता है परन्तु वह मत देने का अधिकारी नहीं है। अनुच्छेद 166 : राज्य की सरकार के कार्य के संचालन का प्रावधान है। अनुच्छेद 167: राज्यपाल को जानकारी देने आदि के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री के कत्र्तव्य। अनुच्छेद 168: राज्य के एक विधानमण्डल का प्रावधान है। यह विधानमंडल, राज्यपाल तथा एक या दोनों सदनों से मिलकर बनता है।