Correct Answer:
Option C - ह्रास मान शेष विधि के अंतर्गत मूल्य ह्रास की गणना हमेशा पुस्तक मूल्य पर की जाती है। ह्रास की राशि को सम्पत्ति के पुस्तक मूल्य से घटाकर सम्पत्ति पक्ष में दिखलाते हैं। तथा अगले वर्ष पुन: इसी सम्पत्ति के पुस्तक मूल्य (जो स्थिति विवरण) में दर्ज है पर ह्रास की गणना की जाती है।
C. ह्रास मान शेष विधि के अंतर्गत मूल्य ह्रास की गणना हमेशा पुस्तक मूल्य पर की जाती है। ह्रास की राशि को सम्पत्ति के पुस्तक मूल्य से घटाकर सम्पत्ति पक्ष में दिखलाते हैं। तथा अगले वर्ष पुन: इसी सम्पत्ति के पुस्तक मूल्य (जो स्थिति विवरण) में दर्ज है पर ह्रास की गणना की जाती है।