Explanations:
बैटन पर TRS केबल निम्न वोल्टता के लिये उपयुक्त होती है। चीमड़ रबड़ कोषित वायरिंग (TRS)–तार स्थापन की यह प्रणाली बैटन तार प्रणाली भी कहलाती है। इस विधि में सागवन की लकड़ी का 12.5 mm ऊँचाई का विभिन्न चौड़ाई का काष्ठ आधार उपयोग में लाया जाता है। सागवन के बैटन/आधार पर केबिलों को स्थापित करने के लिए वायरिंग क्लिप का प्रयोग किया जाता है। बैटन की सतह पर वायरिंग क्लिपों से बंधे केबिल खुले होने के कारण यांत्रिक क्षति का भय बना रहता है।