Explanations:
जैन धर्म में वस्तुत: तीन रत्न सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र है। इन तीनों को मोक्ष का मार्ग बताया गया है। सम्यक दर्शन का अर्थ है सच्ची आस्था। सम्यक ज्ञान का अर्थ है सटीक ज्ञान एवं सम्यक चरित्र का अर्थ है सटीक क्रिया। हालांकि त्रिरत्न की धारणा बौद्ध धर्म में भी प्राप्त होता है। बौद्ध धर्म के त्रिरत्न हैं– बुद्ध, धम्म एवं संघ।